
रायपुर/बालोद(छत्तीसगढ़ उजाला)
छत्तीसगढ़ में 9 जनवरी से बालोद में शुरू हो रहे राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी 2026 के बीच भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष पद को लेकर सियासी और प्रशासनिक विवाद तेज हो गया है। एक ओर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल स्वयं को संस्था का वैधानिक अध्यक्ष बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर को जारी आदेश में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को अध्यक्ष घोषित कर दिया है।
जम्बूरी आयोजन के दौरान बढ़ते विवाद पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि
“स्काउट गाइड एक सेवाभावी और राष्ट्रभक्त संस्था है, युवाओं को संस्कारित और सक्षम बनाने का कार्य करती है। ऐसी संस्था में विसंगतियां और विवाद नहीं होने चाहिए। वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते मैंने इन विसंगतियों को परिषद में उठाया है।”
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट गाइड परिषद ने पहले ही जम्बूरी को स्थगित करने का निर्णय लिया था, इसके बावजूद यदि आयोजन किया जाता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
‘बिना हटाए नया अध्यक्ष घोषित करना गैर-वैधानिक’ — बृजमोहन अग्रवाल
कोर्ट जाने के सवाल पर बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि
“मुझे भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ का अध्यक्ष वैधानिक प्रक्रिया के तहत पांच वर्षों के लिए चुना गया है। मुझे हटाए बिना सरकार द्वारा किसी अन्य को अध्यक्ष घोषित करना पूरी तरह गैर-कानूनी है।”
उन्होंने बताया कि इस विषय को उन्होंने पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में भी लाया है।
“यदि इस पर विचार नहीं किया गया, तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। इसी क्रम में मैंने कोर्ट में याचिका भी दाखिल कर दी है।”
टीएस सिंहदेव के बयान पर भी दिया जवाब
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के कथित दुखी होने से जुड़े सवाल पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा—“किसी को दुखी या खुश होने की जरूरत नहीं है। मैं अपनी स्थिति को बनाना जानता हूं।”अब फैसला अदालत और सरकार के पाले में
फिलहाल स्थिति यह है कि—
बृजमोहन अग्रवाल स्वयं को वैधानिक अध्यक्ष बता रहे हैं
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश में गजेंद्र यादव को अध्यक्ष घोषित किया गया है
राष्ट्रीय जम्बूरी 2026 विवादों के बीच शुरू हो रही है
अब देखना यह होगा कि यह सियासी और कानूनी संघर्ष अदालत में क्या मोड़ लेता है और सरकार इस पूरे विवाद को कैसे सुलझाती है।




