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मंत्री टंक राम वर्मा का बयान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान, देश स्वीकार नहीं करेगा — कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल


जी. पी. एम. (छत्तीसगढ़ उजाला)
छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को “देशभक्त” कहे जाने पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल ने इस बयान को न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि भारत की आत्मा, संविधान और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों पर सीधा हमला बताया है।
वीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि भारत की चेतना, नैतिकता और विचारधारा के प्रतीक हैं। उन्होंने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर बिना हथियार उठाए देश को आज़ादी दिलाई। चंपारण सत्याग्रह, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों के माध्यम से गांधी जी ने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद भी महात्मा गांधी ने देश को एकजुट रखने, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और संविधान की भावना के अनुरूप राष्ट्र निर्माण का कार्य किया। उनका सपना था कि भारत ऐसा राष्ट्र बने जहाँ—सभी धर्मों का सम्मान हो
कमजोर, गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग को न्याय मिले
सत्ता सत्य और नैतिकता पर आधारित हो
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज जिस भारतीय संविधान पर देश को गर्व है, उसकी आत्मा में गांधी जी के विचार स्पष्ट रूप से समाहित हैं। संविधान हमें अहिंसा, समानता, भाईचारे और कानून के शासन का मार्ग दिखाता है।
ऐसे में एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री द्वारा एक सिद्ध हत्यारे को “देशभक्त” कहना न केवल नैतिक अपराध है, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं का घोर उल्लंघन भी है। नाथूराम गोडसे ने देश की आत्मा पर गोली चलाई थी और किसी भी सभ्य, लोकतांत्रिक राष्ट्र में हत्यारे का महिमामंडन स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि यह बयान केवल महात्मा गांधी का अपमान नहीं, बल्कि देश की आज़ादी, संविधान, लोकतंत्र और शहीदों के बलिदान का भी अपमान है। ऐसे बयान समाज में नफरत, विभाजन और हिंसा को बढ़ावा देते हैं, जो भारत की एकता और अखंडता के लिए घातक हैं।
कांग्रेस की मांगें—
संबंधित मंत्री अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें
राज्य सरकार स्पष्ट करे कि वह गांधी जी और संविधान के मूल्यों के साथ खड़ी है
अंत में उन्होंने कहा,
“भारत गांधी का देश है, गोडसे की सोच का नहीं।
गांधी जी के विचार ही देश को जोड़ते हैं, आगे बढ़ाते हैं और मानवता का रास्ता दिखाते हैं।
महात्मा गांधी अमर हैं, उनके विचार अमर हैं।
हिंसा नहीं, अहिंसा ही भारत की पहचान है।”

प्रशांत गौतम

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