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रायपुर: विज्ञान केंद्र को अधिक आकर्षक, सुगम्य और आधुनिक तकनीक से लैस बनाने प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश


‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमलतास का पौधरोपण

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र रायपुर का निरीक्षण किया और केंद्र को अधिक प्रभावी, आधुनिक एवं जनसुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमलतास का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर विज्ञान केंद्र के प्रबंध महानिर्देशक श्री प्रशांत कवीश्वर और उप सचिव श्रीमती अंकिता गर्ग ने भी पौधारोपण में सहभागिता की।

विज्ञान पार्क और केंद्र में सुधार के निर्देश

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने विज्ञान पार्क का अवलोकन किया और पार्क के रंगरोगन, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने केंद्र को निःशक्तजन के लिए अधिक सुगम्य बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने संसाधन जोन, अस्थायी प्रदर्शन कक्ष, मापन दीर्घा, थ्री-डी थिएटर आदि का निरीक्षण कर गाइडों की संख्या बढ़ाने और जीपीएस आधारित ‘नाविक’ प्रणाली को भी प्रदर्शनों से जोड़ने के निर्देश दिए।

थ्री-डी थिएटर में देखी अंतरिक्ष यात्रा

श्री बोरा ने थ्री-डी थिएटर में मानव की अंतरिक्ष यात्रा पर आधारित कार्यक्रम का अवलोकन किया और इसकी सराहना की। उन्होंने थ्री-डी ग्लासेस की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। केंद्र को वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों के लिए अधिक सहज और आकर्षक बनाने पर जोर दिया।

स्थानीय भाषा में विज्ञान—हर संभाग में होगा प्लेनेटोरियम डोम

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने थ्री-डी प्लेनेटोरियम डोम की संख्या बढ़ाने और उन्हें कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी तथा आदिम जाति कल्याण विभाग के समन्वय से स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने राज्य के हर संभाग में डोम स्थापित करने और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी इसके प्रदर्शन की व्यवस्था बनाने को कहा।
इसके साथ ही विज्ञान केंद्र के सभी जोन में गोंडी, हल्बी और छत्तीसगढ़ी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

सोशल मीडिया के जरिए विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

प्रमुख सचिव बोरा ने विज्ञान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए यूट्यूब, फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वेबिनार, टेक टॉक और अन्य कार्यक्रम बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने वैज्ञानिकों से आगामी वर्षों के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

स्कूल–कॉलेजों में बनेंगे 1000 से अधिक ‘विज्ञान दूत’

उन्होंने बताया कि विज्ञान की प्रगति के लिए सभी जिलों में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों सहित अन्य संस्थानों में 100 से अधिक समन्वयक और 1000 से अधिक स्वयंसेवक ‘विज्ञान दूत’ के रूप में तैयार किए जाएंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले समन्वयकों और स्वयंसेवकों को विज्ञान दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित कर शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

द्वितीय फेज विस्तार, फायर सेफ्टी ऑडिट और 24 घंटे में मरम्मत के निर्देश

प्रमुख सचिव ने विज्ञान केंद्र के द्वितीय फेज विस्तार के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। केंद्र की पुनर्व्यवस्थापन योजना, फायर सेफ्टी ऑडिट और विद्युत उपकरणों की जांच तत्काल कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने किसी भी खराब उपकरण की मरम्मत 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने को कहा।
साथ ही सैटेलाइट डाटा आधारित भूमि अनुप्रयोग जांच कार्य को गति शक्ति योजना से जोड़कर बेहतर आकलन करने को कहा।

इस निरीक्षण के दौरान वैज्ञानिक डॉ. शिरीष कुमार सिंह, डॉ. अमित मेश्राम, डॉ. अमित राम सहित विज्ञान केंद्र के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशांत गौतम

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