डिमांड डे पर पत्रकारों ने उठाईं छह प्रमुख मांगें:- मीडिया आयोग, केंद्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून और नए वेतन बोर्ड के गठन की मांग, स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन ने राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन छत्तीसगढ़ (CSWJU), इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU) से संबद्ध, ने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर ‘डिमांड डे’ मनाया। इस दौरान पत्रकारों ने मीडिया आयोग के गठन, पत्रकार सुरक्षा कानून, नौकरी की सुरक्षा, नए वेतन बोर्ड, रेल किराए में रियायत की बहाली और स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने सहित छह प्रमुख मांगों को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन राज्यपाल रमेन डेका को सौंपा।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष राष्ट्रपति के नाम दिए जाने वाले ज्ञापन का वाचन किया गया। तत्पश्चात पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल लोक भवन पहुंचा और राज्यपाल रमेन डेका को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों की लंबित मांगों पर आवश्यक कार्रवाई की अपील की।
पत्रकारों की छह प्रमुख मांगें
1. नए मीडिया आयोग का गठन किया जाए
यूनियन ने बदलते मीडिया परिदृश्य, तकनीकी विकास और पत्रकारिता के सामने आ रही चुनौतियों को देखते हुए नए मीडिया आयोग के गठन की मांग की। यूनियन का कहना है कि आयोग के माध्यम से मीडिया क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक नीतिगत सुझाव तैयार किए जाने चाहिए।
2. केंद्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए
पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष केंद्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग उठाई गई। साथ ही छत्तीसगढ़ में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून की समीक्षा कर उसमें आवश्यक संशोधन सुझाने के लिए पत्रकारों की समिति गठित करने की मांग भी की गई।
3. नौकरी की सुरक्षा के लिए मिले वैधानिक संरक्षण
यूनियन ने कार्यरत पत्रकारों के लिए नौकरी की सुरक्षा, निर्धारित कार्य घंटे, उचित सेवा शर्तें और रोजगार संबंधी विवादों के समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों को सुरक्षित कार्य वातावरण और सेवा संबंधी अधिकारों का संरक्षण मिलना चाहिए।
4. नए वेतन बोर्ड का गठन हो
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्यरत पत्रकारों के साथ गैर-पत्रकार कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए नए वेतन बोर्ड के गठन की मांग की गई। यूनियन ने कहा कि मीडिया क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए वेतन संबंधी व्यवस्था पर नए सिरे से विचार किया जाना आवश्यक है।
5. पत्रकारों के लिए रेल किराए में रियायत बहाल हो
कोरोना काल के दौरान वर्ष 2020 से बंद पत्रकारों को रेल टिकट और आरक्षण में मिलने वाली रियायत को फिर से शुरू करने की मांग की गई। यूनियन ने केंद्र सरकार से इस सुविधा की बहाली के लिए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
6. पत्रकारों के लिए व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू हो
पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। यूनियन का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी कठिन परिस्थितियों में पत्रकारों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी बीमा व्यवस्था जरूरी है।
स्वतंत्र और सुरक्षित प्रेस लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी : पीसी रथ
छत्तीसगढ़ स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पीसी रथ ने कहा कि स्वतंत्र, सुरक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त प्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। पत्रकार लोकतंत्र में जनहित के मुद्दों को सामने लाने और जनता तक सूचनाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनके अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ‘डिमांड डे’ के माध्यम से पत्रकारों की लंबे समय से लंबित मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया है। यूनियन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन के जरिए इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की अपील की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिलीप साहू, छत्तीसगढ़ स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के महासचिव सुधीर आजाद तम्बोली, जिलाध्यक्ष राहुल सिन्हा सहित लविंदर पाल, सैय्यद सलमा, अमित बाघ, जितेंद्र साहू, जयदास मानिकपुरी, दीपेश सोनकर, सीएस नाग, शमीम, अरुण जंघेल, नीलचरण पटेल, मिथलेश कुमार, मौसम साहू, संस्कार तंबोली, थारून निषाद, नंदकुमार मूलचंदानी और जी. नरेश राव समेत अन्य पत्रकार साथी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यूनियन ने पत्रकारों की सुरक्षा, रोजगार, वेतन, स्वास्थ्य और यात्रा संबंधी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र सरकार से इन पर ठोस पहल करने की मांग की।



