20 किमी पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने निकलीं करीब 100 छात्राएं, छात्रावास की समस्याओं को लेकर जताया आक्रोश
रास्ते में अधिकारियों ने रोकने की कोशिश की, नहीं मानी छात्राएं; बस से पहुंचीं अंबिकापुर, कलेक्टर से मिलकर बताईं समस्याएं
अंबिकापुर/सरगुजा(छत्तीसगढ़ उजाला)-सरगुजा जिले के बतौली स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की करीब 100 छात्राओं ने सोमवार सुबह छात्रावास की अव्यवस्थाओं और समस्याओं से परेशान होकर एक अनोखा कदम उठाया। छात्राएं अपनी शिकायत सीधे कलेक्टर तक पहुंचाने के लिए छात्रावास से पैदल ही अंबिकापुर की ओर निकल पड़ीं। बताया जा रहा है कि छात्राएं करीब 20 किलोमीटर तक पैदल चलती रहीं, जिसके बाद मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
छात्राओं के पैदल कलेक्टर से मिलने निकलने की खबर मिलते ही ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त मौके पर पहुंचे। उन्होंने रास्ते में छात्राओं को रोकने का प्रयास किया और उनसे उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की। हालांकि छात्राएं अपनी शिकायत सीधे कलेक्टर के सामने रखने पर अड़ी रहीं और तत्काल रुकने को तैयार नहीं हुईं।
स्थिति को देखते हुए सहायक आयुक्त ने छात्राओं के लिए बस की व्यवस्था कराई। इसके बाद सभी छात्राओं को बस से अंबिकापुर पहुंचाया गया, जहां उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर छात्रावास में हो रही परेशानियों और अन्य समस्याओं की जानकारी दी।
कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश
छात्राओं की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं द्वारा बताई गई समस्याओं की जांच कराने के निर्देश ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त को दिए हैं।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर छात्रावास की ऐसी कौन-सी समस्याएं थीं, जिनसे परेशान होकर करीब 100 छात्राओं को सामूहिक रूप से पैदल निकलकर कलेक्टर तक पहुंचने का निर्णय लेना पड़ा।
सरगुजा के छात्रावासों की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने सरगुजा जिले के छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में पिछले कुछ समय से छात्रावासों, विशेषकर बालिका छात्रावासों में अव्यवस्थाओं और समस्याओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले एक माह के भीतर जिले में तीन अलग-अलग स्थानों की छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों तक शिकायत पहुंचा चुकी हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर छात्रावासों में नियमित निगरानी और व्यवस्थाओं की समीक्षा कितनी प्रभावी ढंग से की जा रही है।
इससे पहले रघुनाथपुर के राईं स्थित स्कूल छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने भी अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई थी। अब बतौली स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की करीब 100 छात्राओं का सामूहिक रूप से पैदल कलेक्टर से मिलने निकलना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।
बड़ा सवाल—छात्राओं को सड़क पर उतरने की नौबत क्यों आई?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं को अपनी समस्याएं बताने के लिए आखिर 20 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर तक पहुंचने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या छात्रावास स्तर पर उनकी शिकायतें नहीं सुनी जा रही थीं? क्या जिम्मेदार अधिकारियों तक पहले शिकायत पहुंचाई गई थी और उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई?
इन तमाम सवालों का जवाब अब जांच के बाद सामने आएगा। फिलहाल, करीब 100 छात्राओं का एक साथ छात्रावास से निकलकर कलेक्टर से मिलने पहुंचना सरगुजा के छात्रावासों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर रहा है।
अब देखना होगा कि कलेक्टर के जांच निर्देश के बाद छात्राओं की समस्याओं का समाधान होता है या फिर सरगुजा के छात्रावासों की अव्यवस्थाओं की शिकायतें आगे भी इसी तरह सामने आती रहेंगी।



