छत्तीसगढ

एसईसीएल अधिकारियों का बड़ा खेल हुआ उजागर,सरायपाली खदान में स्टॉरेक्स मिनरल्स ठेका कंपनी की गुंडागर्दी उजागर,एसईसीएलकर्मी को जान से मारने का प्रयास,श्रमिक संगठन एटक ने भी खोला मोर्चा,ठेका कंपनी पर अफसरो की मेहरबानी समझ से परे…..

छत्तीसगढ़ उजाला:एसईसीएल की लाचारी का मामला फिर आया सामने,खदान में कार्य करने वाले कर्मियों को धमकाने का काम करती ठेका कंपनी,मामले को दबाने का काम एसईसीएल के अफसरों द्वारा लंबे समय से किया जा रहा है।कोरबा के पाली में संचालित एसईसीएल की सरायपाली कोल परियोजना में नियोजित स्टॉरेक्स मिनरल्स ठेका कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी मनमानी पर उतारु हो गए है। उनके द्वारा खदान के भीतर काम करने वाले मजदूरों पर नियमों के विपरित काम करने का दबाव बनाया जा रहा है,ऐसा नहीं करने पर उनके साथ गाली गलौच,मारपीट करने के साथ ही जान से मारने का प्रयास किया जा रहा है।

ऐसा ही कुछ ओव्हरमैन के पद पर पदस्थ एसईसीएल कर्मी कृष्ण कुमार तिवारी के साथ हुआ है,जिसके साथ कंपनी के अधिकारी अभिषेक सिंह शराब के नशे में पहुंचा और अभद्रता की। इस घटना के बाद श्रमिक संगठनों में आक्रोश फैल गया शुक्रवार को वरीष्ठ श्रमिक नेता दिपेश मिश्रा के साथ बड़ी संख्या में श्रमिक नेता मानिकपुर स्थित जीएम कार्यालय पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। श्रमिक नेताओ नें कि कार्रवाई नहीं होने की स्थित में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में पाली थाना के साथ ही सरायपाली उपक्षेत्रीय कार्यालय में भी शिकायत किया गया है।

गोल घेरे के अंदर हाफ पैंट एवं टी शर्ट एवं चप्पल पहना हुआ अभिषेक सिंह जबकि CMR 2017 के अनुसार कोई भी व्यक्ति इस तरह से खान के कार्यस्थल क्षेत्र में बिना पी पी ई किट के प्रवेश वर्जित है।

ये वीडियो हार्ड ओबी डंप में पे लोडर से डोजिंग किये जाने का है। जबकि CMR 2017 के अनुसार किसी भी डंप यार्ड में चैन माउंटिंग डोजर द्वारा ही डोजिंग कार्य करना है।ठेका कंपनी को कही न कही एसईसीएल के अफसरों का सहयोग है।ठेकेदार अपनी गुंडागर्दी करके कल किसी बड़ी वारदात को न करे इस पर एसईसीएल प्रबंधन को मनन करने की आवश्यकता है।अपने श्रमिकों की चिंता न करके ठेकेदार को बढ़ावा देकर कंपनी बहुत बड़ी गलती कर रही है।

इस मामले में एसईसीएल कर्मी कृष्ण कुमार तिवारी से छत्तीसगढ़ उजाला की टीम की बात हुई जिसमें उन्होंने कहा कि बस मैं इतना चाहता हूँ कि ऐसे भ्रष्ट कांट्रेक्टर, एवं एस ई सी एल के उन जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर प्रश्न चिन्ह लगाइये कि वे ये सब होने क्यों दे रहे हैं। और डी जी एम एस इसको लेकर कोई भी उचित कदम क्योंकि नहीं उठाता है। अगर इस व्यक्ति एवं इस कम्पनी पर लगाम नहीं लगाई गई तो अभी तो एक माइनिंग स्टॉफ को वाहन से कुचलने का प्रयास किया है, कल को कोई भी गंभीर घटना को अंजाम दे सकता है।जबकि कोल इंडिया के समस्त खान क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रचार प्रसार को लेकर लाखों करोड़ों रूपये खर्च करके हर इकाई में वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जाता है। तो क्या यह सिर्फ दिखावा मात्र है।

ये स्टॉरेक्स कम्पनी के द्वारा जो दो पे लोडर खान क्षेत्र में चलाया जा रहा है। उसमें जो ये रजिस्ट्रेशन नं लिखा है उसका पता लगवा लीजिए ये पूरा फर्जी है एक नं तो टाटा कम्पनी के किसी मालवाहक गाड़ी का है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराकर और टैक्स न पटाकर राज्य सरकार को चुना लगा रहा है।और ऐसे अधिकारियों पर भी उचित कार्यवाही होनी चाहिए जो कि ऐसे वाहनों को उनके समुचित कागजात के बिना जाँच किये ही खान क्षेत्र में कैसे अनुमति दे देते हैं।

अभी वर्तमान में पिछले छः माह से इस कम्पनी के किसी भी सुपरवाइजर का हाजिरी नहीं लग रहा है और सभी लोग रोज ड्यूटी आ रहे हैं।इसके अलावा इसके मैकैनिकल एवं इलेक्ट्रीकल फिटरों की हाजिरी तो वर्षों से नहीं लग रही है।ये ऐसा इसलिए कर रहे हैं जिससे इनको उन कर्मचारियों को एच पी सी रेट से भुगतान न करना पड़े। जबकि CMR 2017 के अनुसार खान क्षेत्र में बिना हाजिरी के प्रवेश पूर्णतः वर्जित है।

कुल मिलाकर एसईसीएल की खदानों में चल रहे बड़े खेल का खुलासा आज हो गया है।किस तरह से मानवीय संवेदनाओं से हटकर श्रमिको के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।एसईसीएल के अफसरों की मिली भगत से ठेका कंपनी का ठेकेदार श्रमिक को मारने की हिम्मत किया है।इस कंपनी पर एसईसीएल प्रबंधन की मेहरबानी की जांच की जानी चाहिए।

Anil Mishra

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button