छत्तीसगढ

अनियमितता और करोड़ो के भ्रष्टाचार के मामले में घिर रहा छग मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन

सीजीएमएससी : 120 करोड़ का निविदा बिना विज्ञापन जारी, पीएमओ में शिकायत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को किया तलप, दिए हैं जांच के आदेश

अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले में घिर रहा छग मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन

रायपुर छत्तीसगढ़ उजाला। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई है।

मामले में शिकायत रायपुर निवासी नागेश साहू ने शिकायत में बताया कि सीजीएमएससी ने 120 करोड़ के निविदा क्र. 6046 को बिना विज्ञापन जारी कर दिया। जबकि भंडार कय नियम अनुसार 20 लाख से ऊपर की खरीदी के लिए कम से कम प्रदेश स्तरीय बहुप्रचारित दो समाचार पत्र तथा राष्ट्रीय स्तरीय के दो समाचार पत्र में नियमानुसार विज्ञापन किया जाना है। शिकायत किया गया है कि एक कम्पनी के माध्यम से काग्रेंस सरकार को सीधा फायदा पहुंचाया जा रहा था। उसके बाद राज्य सरकार बदलते निविदा को निरस्त कर दिया गया। इसके लिए इनके विभाग के अधिकारी पर मोटी रकम लेने का आरोप लगाया गया है।

मुख्यमंत्री ने एमडी वर्मा को किया तलब
इधर शिकायत के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एमडी चंद्रकांत वर्मा को तलप किया। सीएम विष्णुदेव साय हाउस में अधिकारी को मुख्यमंत्री द्वारा जमकर फटकार लगाई गई है। साथ ही अनियमितता के मामलों पर जांच बिठाने की बात कही है।


लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामले
बता दें सीजी एम एस सी में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। कांग्रेस शासन काल में दवा कंपनियों को फायदा पहुंचे, घटिया दवा सप्लाई, फाइनेंस में गड़बड़ी जैसे कई मामले की शिकायत अब होने लगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभाग में जांच के निर्देश दिया हैं।

भ्रष्टाचार की शिकायत हुई है तो हम जांच कराएंगे। अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री

 

इस मामले पर जब छत्तीसगढ़ उजाला की टीम ने सीजीएमएससी के एमडी चंद्रकांत वर्मा से बात की तो उनका कहना था कि यह आरोप सरासर गलत है।कुछ लोग मेरी इमेज खराब करने के लिए यह सब काम करवा रहे है।शिकायत कर्ता की बात को भी उन्होंने नकार दिया।मामले पर सीएम हाउस ने बुलाया इस सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।

कुल मिलाकर अगर पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल की बात की जाए तो बडे घोटाले सीजीएमएससी में हुए है।इस विभाग की सीबीआई जांच साय सरकार को करवानी चाहिए।सारा मामला उजागर हो जाएगा।टेंडर का बड़ा खेल इस विभाग में किया गया था।जांच से सारा खुलासा हो जाएगा।प्रदेश की नई सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने की बात करके ही सत्ता में काबिज हुई है।

Anil Mishra

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