*आखिर क्यों नहीं थम रही सिविल लाइन थाना क्षेत्र में चाकूबाजी की घटनाएं?* *लगातार वारदातों से उठ रहे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, अपराधियों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं?*
छत्तीसगढ़ उजाला

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ उजाला)। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन विवादों के हिंसक रूप लेने से क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल है।
पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में दो युवकों ने एक युवक पर चाकू और ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर दो नाबालिगों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, तीन आरोपी अभी फरार हैं। दोनों घटनाएं तोरवा और सिविल लाइन थाना क्षेत्र की हैं।
समझौता करने बुलाया, फिर छात्र पर किया हमला
पहली घटना तोरवा थाना क्षेत्र के लालखदान-महमंद स्थित तालाब के पास की है। गणेश नगर नयापारा निवासी 9वीं के छात्र ने बताया कि एक दिन पहले उसके दोस्त प्रतीक यादव के साथ अरमान और उसके साथियों ने मारपीट की थी। इसी मामले में थाने में दर्ज केस में समझौता करने का दबाव बनाने के लिए अरमान ने दोनों को बुलाया था।
बातचीत के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए शराब के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद अरमान ने धारदार हथियार से उसके कंधे और जांघ पर हमला कर दिया। जिससे पीड़ित लहूलुहान हो गया।
बड़ा सवाल: –
क्या पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, या रोकथाम की रणनीति में कहीं कमी रह जा रही है?
जनता की मांग — संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी, त्वरित कार्रवाई और अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।



