बाल विवाह पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई: नाबालिग दूल्हे का विवाह कराने वाले परिजनों समेत अन्य लोगों पर मामला दर्ज

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 03 जून 2026। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालक का विवाह कराने वाले परिजनों एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण इकाई को ग्राम पंचायत पिपरिया में एक नाबालिग बालक के विवाह की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही विभाग के सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं ग्राम पंचायत की बाल संरक्षण समिति के सदस्यों ने बालक के माता-पिता भारत सिंह एवं कलेशिया से मुलाकात कर उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी थी।
अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह नहीं कराने की समझाइश देते हुए उनसे शपथ पत्र भी भरवाया था। साथ ही स्पष्ट रूप से बताया गया था कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसके लिए सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक समझाइश के बावजूद संबंधित परिवार द्वारा नाबालिग बालक का विवाह कराए जाने की सूचना मिलने पर जिला बाल संरक्षण इकाई की जांच टीम ने मामले की पुनः जांच की। जांच के दौरान बाल विवाह होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद जांच प्रतिवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रस्तुत किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर गौरेला थाना में बाल विवाह कराने वाले परिजनों तथा अन्य सहयोगियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 9, 10 एवं 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कराया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समितियों का गठन किया गया है तथा पंचायत सचिवों और आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को बाल विवाह निषेध अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।ये अधिकारी गांवों और सेक्टर स्तर पर लगातार निगरानी रखते हैं तथा बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल हस्तक्षेप कर विवाह रोकने का प्रयास करते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है। इसमें केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि विवाह संपन्न कराने वाले पुजारी, हलवाई, टेंट संचालक, डीजे संचालक, बराती एवं अन्य सहयोगी भी समान रूप से दोषी माने जाते हैं।कानून के अनुसार बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने पर दो वर्ष तक का कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से बाल विवाह की सूचना तत्काल देने की अपील की है। इसके लिए निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है—
चाइल्ड हेल्पलाइन : 1098
महिला हेल्पलाइन : 181
आपातकालीन सेवा : 112
प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।




