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संसद में बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भागीदारी, शिक्षा-खेल और महिला सशक्तिकरण पर रखे अहम सुझाव

नई दिल्ली/रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को संसद भवन में आयोजित विभिन्न महत्वपूर्ण संसदीय समितियों की बैठकों में सक्रिय भागीदारी करते हुए शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, खेल अवसंरचना और राष्ट्रीय नीति से जुड़े अहम मुद्दों पर अपने सुझाव रखे। इस दौरान उन्होंने देशहित, संवैधानिक व्यवस्थाओं और युवा विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल संसद भवन में आयोजित 130वें संविधान संशोधन विधेयक, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक तथा केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में शामिल हुए। बैठक में संवैधानिक प्रावधानों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और राष्ट्रीय हित से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गंभीर मंथन किया गया।

इसके साथ ही उन्होंने “देश में खेल अवसंरचना के विकास के लिए अनुमान एवं नीतिगत ढांचा” विषय पर आयोजित एस्टीमेट कमेटी की बैठक में भी भाग लिया। बैठक में सांसद अग्रवाल ने खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने, ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने और आधुनिक खेल संरचना विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा इस विषय पर विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई।

वहीं, बृजमोहन अग्रवाल “शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति” की बैठक में भी शामिल हुए। बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के भविष्य और खेल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिवेदनों पर विस्तृत चर्चा करते हुए उन्हें स्वीकार किया गया।

बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ‘अनुदान मांगें 2025-26’ से संबंधित 365वें प्रतिवेदन की सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई प्रगतिशील कार्रवाइयों की समीक्षा की गई तथा 379वें प्रतिवेदन पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षकों की क्षमता विकास, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की कार्यप्रणाली और शिक्षक प्रशिक्षण की नई पहलों से संबंधित शिक्षा मंत्रालय के 368वें प्रतिवेदन पर सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की गई।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश शिक्षा, खेल, महिला सशक्तिकरण और युवा विकास के क्षेत्रों में नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। संसदीय समितियों के माध्यम से नीति निर्माण को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए मजबूत शिक्षा व्यवस्था, सक्षम युवा शक्ति और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं बेहद आवश्यक हैं। संसद की विभिन्न समितियां इन विषयों पर गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं।

प्रशांत गौतम

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