
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-भारतमाला परियोजना के तहत हुए बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसीबी/EOW ने एडिशनल कलेक्टर निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे साहू को पकड़कर पूछताछ के लिए 13 दिनों की रिमांड पर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया है कि अभनपुर में भूमि अधिग्रहण के दौरान तत्कालीन एसडीएम और भू-अर्जन प्राधिकारी रहते हुए निर्भय साहू ने अपने पद का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया।
कैसे हुआ घोटाला?
तहसील अभनपुर के नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो गांवों की जमीनों में गड़बड़ी की गई
जमीन को बैक डेट (पिछली तारीख) में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर मुआवजा राशि बढ़ाई गई
वास्तविक मुआवजे से कई गुना ज्यादा रकम का भुगतान किया गया पहले से अधिग्रहित नायकबांधा जलाशय की भूमि को दोबारा अधिग्रहित दिखाकर फिर मुआवजा दिया गया
इन अनियमितताओं से शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
इस मामले में निर्भय साहू के अलावा—
पटवारी,राजस्व निरीक्षक,जमीन कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा,
उमा तिवारी,और अन्य लोगों की मिलीभगत सामने आई है।
पहले से चल रही थी कार्रवाई
मार्च 2025 में ही साहू को निलंबित कर दिया गया था
राज्य सरकार ने जांच EOW को सौंपी
एफआईआर के बाद से साहू फरार थे
सुप्रीम कोर्ट से भी उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी
किन धाराओं में मामला दर्ज?
आरोपी के खिलाफ IPC की गंभीर धाराओं— 409, 420, 467, 468, 471, 120B
सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
आगे क्या?
एसीबी अब रिमांड के दौरान साहू से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, अन्य आरोपियों और घोटाले की कुल रकम का खुलासा करने में जुटी है। इस मामले में और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।



