अवैध ईंट भट्ठों पर माइनिंग की बड़ी कार्रवाई, लेकिन संरक्षण का दावा बना सबसे बड़ा सवाल

जी. पी. एम.(छत्तीसगढ़ उजाला)
घाघरा–नवापारा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे पर माइनिंग विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए जब्ती की है। यह ईंट भट्ठा किसान आकाश साहू (पिता– बालकृष्ण साहू), जाति– साहू द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान नियमों के गंभीर उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद माइनिंग विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर भट्ठे में प्रयुक्त सामग्री और संसाधनों को जब्त कर लिया तथा आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी।
कार्रवाई के बाद जहां एक ओर क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध ईंट भट्ठों के संचालन को लेकर हड़कंप मच गया है, वहीं दूसरी ओर मामला तब और गंभीर हो गया जब आकाश साहू ने खुले तौर पर जनप्रतिनिधियों के संरक्षण का दावा कर दिया।
आकाश साहू का कहना है कि “मैंने जिला पंचायत अध्यक्ष से बात कर ली है, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।”
इस बयान ने प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता और अवैध कारोबार को मिल रहे कथित राजनीतिक संरक्षण पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
अब सवाल यह उठता है कि
अगर अवैध कामों के पीछे जनप्रतिनिधियों का संरक्षण है, तो ऐसी कार्रवाइयों का क्या असर होगा?
क्या माइनिंग विभाग की यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी, या जिम्मेदारों पर भी गिरेगी गाज?
फिलहाल माइनिंग विभाग की कार्रवाई से अवैध ईंट भट्ठा संचालकों में डर का माहौल जरूर बना है, लेकिन आरोपी के बयान ने पूरे मामले को प्रशासन बनाम राजनीतिक संरक्षण की दिशा में मोड़ दिया है।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन इस दावे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या अवैध कारोबार को मिल रहे कथित संरक्षण पर भी कार्रवाई होती है या नहीं।



