
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह के तीखे बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके आरोपों के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने थाने पहुंचकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
इसी बीच रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने बृहस्पत सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “बृहस्पत सिंह कांग्रेस के पुराने आदिवासी नेता हैं और वे अपने मन की बात खुलकर बोलते हैं। कांग्रेस का कल्चर हमेशा से आदिवासियों को अपमानित और बेइज्जत करने वाला रहा है। पहले अमरजीत भगत का माइक छीना गया था, अब बृहस्पत सिंह को अपशब्द कहकर अपमानित किया जा रहा है।”
मिश्रा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का अपमान किसी भी रूप में उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर घमंड में रहने का आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस आज न लोकसभा में है, न विधानसभा में, फिर भी उनके नेताओं में अहंकार कम नहीं हुआ। अगर बृहस्पत सिंह कांग्रेस में परेशान हैं, तो वे बीजेपी में आ जाएं। हमारी पार्टी विशाल हृदय वाली है, समुद्र में एक लोटा पानी आए या चला जाए, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
राज्य की सियासत में बृहस्पत सिंह के इस बयान और उस पर बीजेपी के रुख ने कांग्रेस की आंतरिक कलह को एक बार फिर उजागर कर दिया है।




