सीएमएचओ बदले, लेकिन हालात जस के तस: हाईकोर्ट आदेश के 11 माह बाद भी नहीं हुआ पालन, विभाग की मनमानी चरम पर

कवर्धा(छत्तीसगढ़ उजाला)-जिले के स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था और लापरवाही अब किसी से छिपी नहीं है। सीएमएचओ बदले जरूर गए, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एक आवेदक को सीएमएचओ कार्यालय के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कभी “मार्गदर्शन” के नाम पर तो कभी “चयन समिति” का हवाला देकर फाइलों को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के पालन हेतु आवेदन दिए करीब 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन सीएमएचओ कार्यालय अब तक आदेश का पालन नहीं कर पाया है।
उच्च कार्यालय से प्राप्त मार्गदर्शन पत्र को भी 5 महीने गुजर चुके हैं, पर उसका भी पालन नहीं किया गया। इससे साफ है कि अधिकारी नई भर्ती में ज्यादा रुचि ले रहे हैं, जबकि न्यायालय के आदेशों के पालन में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि —
जब अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेशों और उच्चाधिकारियों के निर्देशों का भी भय नहीं, तो जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का जिम्मेदार आखिर कौन है?
जानकारी के मुताबिक, यह मामला जल्द ही हाईकोर्ट में अवमानना याचिका के रूप में जा सकता है, जिससे शासन-प्रशासन की मुश्किलें बढ़ना तय है।




