भूटान की राजधानी थिम्पू में डॉ. राम लखन वर्मा को मिला ‘साहित्य संचय हिंदी गौरव सम्मान’, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया रायबरेली का मान

भारत-भूटान सांस्कृतिक संबंधों पर लघु आलेख और उत्कृष्ट कविता पाठ के लिए हुए सम्मानित, अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस एवं कवि सम्मेलन में देश-विदेश के साहित्यकारों ने की सहभागिता
जबलपुर/रायबरेली-भूटान की राजधानी थिम्पू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस एवं कवि सम्मेलन में साहित्यकार एवं पत्रकार डॉ. राम लखन वर्मा को ‘साहित्य संचय हिंदी गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। 24 अक्टूबर को आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन में उन्होंने भारत और भूटान के सांस्कृतिक संबंधों पर अपना लघु आलेख प्रस्तुत किया तथा उत्कृष्ट कविता पाठ से उपस्थित विद्वानों एवं साहित्यकारों की सराहना प्राप्त की।
डॉ. राम लखन वर्मा को यह सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रॉयल थिम्पू कॉलेज, भूटान के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर संजीव मेहता एवं प्रोफेसर सोनल मेहता के करकमलों से प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस उपलब्धि ने न केवल डॉ. वर्मा की साहित्यिक प्रतिभा को नई पहचान दी, बल्कि रायबरेली जनपद का गौरव भी बढ़ाया।
डॉ. राम लखन वर्मा काव्य रस साहित्य मंच, रायबरेली के कवि एवं केंद्रीय मीडिया प्रभारी हैं। वे दूरसंचार मंत्रालय, भारत सरकार की कंपनी आईटीआई लिमिटेड में सिविल इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे साहित्य, समाजसेवा और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस एवं कवि सम्मेलन का आयोजन साहित्य संचय शोध संवाद फेडरेशन, नई दिल्ली के तत्वावधान में किया गया। इसमें फेडरेशन के सचिव डॉ. हीरेन्द्र गौतम, संस्थापक मनोज कुमार, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर कुसुम लता मलिक तथा फरीदाबाद की प्रोफेसर प्रतिभा रानी सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए अनेक विद्वानों, शोधकर्ताओं, कवियों और कवयित्रियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
आयोजन में साहित्यिक विमर्श के साथ भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक संबंधों, हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति पर भी विचार साझा किए गए। विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों की मौजूदगी ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
डॉ. राम लखन वर्मा को मिले इस सम्मान पर उनके परिजनों, शुभचिंतकों एवं साहित्यिक जगत में हर्ष का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि पर काव्य रस साहित्य मंच, रायबरेली के संस्थापक डॉ. शिवनाथ सिंह ‘शिव’, राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन सरोज सिंह (लखनऊ), संरक्षक एवं प्रशासक डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, कवि ईश्वर चंद्र विद्यावाचस्पति (संतकबीरनगर), डॉ. अयोध्या प्रसाद लोधी ‘सुमन’, सर्जेंट अभिमन्यु पांडेय, डॉ. शिवपाल सिंह (उन्नाव), वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ (लखनऊ), रुचिकर महाकुंभ चैनल के संपादक एवं ब्यूरो चीफ गोपाल श्रीवास्तव (लखनऊ), कवि एवं पत्रकार रस्म रासज भारती सहित अनेक साहित्यकारों एवं पत्रकारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
वहीं, प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने भी डॉ. राम लखन वर्मा एवं आयोजन समिति को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
भूटान की धरती पर हिंदी साहित्य का गौरव बढ़ाने वाली यह उपलब्धि रायबरेली के साहित्यिक जगत के लिए विशेष गर्व का विषय है। डॉ. राम लखन वर्मा की इस उपलब्धि से क्षेत्र के साहित्यकारों एवं युवा रचनाकारों को भी साहित्य और हिंदी भाषा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।




