नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर 25 लाख की ठगी, गृह मंत्री का निज सहायक बनकर ऐंठे 70 हजार
सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, करीब 15 लोगों से ठगी का खुलासा
रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-सरकारी नौकरी लगवाने और मनचाही जगह ट्रांसफर कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा कर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया। इनमें से एक आरोपी ने खुद को गृह मंत्री का निज सहायक बताकर अपनी पहचान बताई और नौकरी लगवाने के नाम पर एक प्रार्थी से 70 हजार रुपये वसूल लिए।
पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी बोस्टो तांडी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने सरकारी नौकरी लगवाने और प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा किया था। इसी दौरान आदित्य मोहन पंडा ने खुद को गृह मंत्री का निज सहायक बताकर प्रार्थी को भरोसे में लिया और नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 70 हजार रुपये ले लिए। रकम लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगवाई गई।
शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और अन्य गवाहों से पूछताछ की। तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कमल विहार निवासी आदित्य मोहन पंडा (23 वर्ष) और देवपुरी निवासी संतराम यादव (38 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
करीब 15 लोगों से 25 लाख रुपये लेने का दावा
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर सरकारी नौकरी लगवाने और ट्रांसफर कराने के नाम पर करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने किन-किन लोगों से संपर्क किया, रकम का लेनदेन किस माध्यम से हुआ और ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। मामले में अन्य पीड़ितों के सामने आने की भी संभावना जताई जा रही है।
सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं।




