*शिकायत वापस लेने के लिए 2.50 लाख का चेक! एसईसीएल कर्मचारी पर रिश्वत देने के प्रयास का आरोप* *फर्जी दस्तावेजों से नौकरी की शिकायत करने वाले प्रवीण कुमार झा का दावा—दीनदयाल गुप्ता ने दिया 2.50 लाख रुपये का चेक, शिकायत के चार माह बाद उल्टे दर्ज करा दिया अपराध*
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कोरबा (छत्तीसगढ़ उजाला)। एसईसीएल बलगी परियोजना में कार्यरत कर्मचारी दीनदयाल गुप्ता के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने की शिकायत अब गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार झा ने पुलिस अधीक्षक, कोरबा को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि विभागीय जांच और फर्जी नौकरी की शिकायत वापस लेने के लिए उन्हें 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक देकर रिश्वत देने का प्रयास किया गया।
प्रवीण कुमार झा के अनुसार, उन्होंने दीनदयाल गुप्ता के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एसईसीएल में नौकरी करने की शिकायत 20 दिसंबर 2024 को पुलिस अधीक्षक कोरबा के समक्ष प्रस्तुत की थी। शिकायत में दीनदयाल गुप्ता की पहचान, पिता के नाम और जाति से संबंधित दस्तावेजों में कथित हेरफेर का आरोप लगाया गया है।
शिकायत वापस लेने के लिए चेक देने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले की विभागीय जांच चलने के दौरान दीनदयाल गुप्ता ने उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए चेक क्रमांक 338100 के माध्यम से 2,50,000 रुपये देने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक चेक भारतीय स्टेट बैंक के खाते से संबंधित था।
प्रवीण कुमार झा ने बताया कि परिवार के सदस्यों की सलाह के बाद उन्होंने उक्त चेक को बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं किया। उनका कहना है कि यदि शिकायत वापस लेने के बदले इतनी बड़ी रकम का चेक दिया गया, तो यह पूरे मामले को दबाने के प्रयास की ओर गंभीर संकेत करता है।
चार महीने बाद शिकायतकर्ता पर ही दर्ज हुआ अपराध
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चेक दिए जाने के लगभग चार महीने बाद दीनदयाल गुप्ता ने उनके खिलाफ थाना बाकीमोंगरा, जिला कोरबा में अपराध क्रमांक K-371/25 दर्ज कराया। इसमें प्रवीण कुमार झा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
प्रवीण कुमार झा का कहना है कि एक ओर उनके द्वारा दीनदयाल गुप्ता की कथित फर्जी नौकरी की शिकायत की गई और दूसरी ओर शिकायत वापस लेने के लिए रकम देने का प्रयास किए जाने का आरोप है। इसके बाद उन्हीं के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज होना मामले को और गंभीर बनाता है।
गोद लेने के दावे पर भी सवाल
शिकायत में दीनदयाल गुप्ता द्वारा स्वर्गीय समरू को अपना दत्तक पिता बताए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, दीनदयाल गुप्ता ने पुलिस के समक्ष कथन दिया कि समरू की कोई संतान नहीं थी और उन्हें गोद लिया गया था।
वहीं, प्रवीण कुमार झा का दावा है कि स्वर्गीय समरू के बेटे और बेटी जीवित हैं और उन्होंने वीडियो में कथन देकर किसी व्यक्ति को गोद लिए जाने से इनकार किया है। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने कथित गोदनामा, भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज और एसईसीएल में नौकरी प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की मांग की है।
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रवीण कुमार झा ने पुलिस अधीक्षक कोरबा से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने कथित 2.50 लाख रुपये के चेक, बैंक खाते, गोदनामा, भूमि अधिग्रहण संबंधी रिकॉर्ड तथा एसईसीएल में नियुक्ति के समय प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच कराए जाने की मांग की है।

मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। दीनदयाल गुप्ता की ओर से पुलिस के समक्ष दिए गए कथन में प्रवीण कुमार झा से मुलाकात की बात कही गई है, लेकिन किसी प्रकार के पैसे के लेन-देन से इनकार किया गया है। अब पुलिस एवं एसईसीएल की जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।




