50वें भादों अमावस्या महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब राज्यपाल रमेन डेका ने सपरिवार किए दादी रानी सती के दर्शन, 2100 महिलाओं ने किया सामूहिक मंगल पाठ

रायपुर(छत्तीसगढ़ उजाला)-राजा तालाब स्थित श्री रानी सती मंदिर में आयोजित दो दिवसीय 50वां भादों अमावस्या महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन 11 सितंबर को सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। दादी जी के दर्शन, पूजन-अर्चन और आशीर्वाद के लिए रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर “जय श्री रानी सती दादी मां की” और “जय दादी की” के जयघोष से गूंजता रहा।
पट खुलते ही शुरू हुआ दर्शन और जाट-धोक पूजन
सुबह 7 बजे मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने दादी जी के दर्शन कर विधि-विधान से जाट-धोक पूजन किया। भक्तों ने रोली की टिक्की, अक्षत, मेहंदी, मौली, काजल, पुष्प एवं दक्षिणा अर्पित कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, अखंड सौभाग्य और बच्चों की उन्नति की कामना की। मंदिर में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
2100 महिलाओं ने किया सामूहिक मंगल पाठ
दोपहर 2 बजे समता कॉलोनी निवासी श्रीमती बीना मित्तल के सान्निध्य में सामूहिक मंगल पाठ का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 2100 महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी परिधान में लाल-पीली चुनरी धारण कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुरुष श्रद्धालु भी पारंपरिक कुर्ता-पायजामा पहनकर मंगल पाठ में शामिल हुए।

मंगल पाठ के दौरान दादी जी के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को भजनों के माध्यम से जन्म उत्सव, विवाह उत्सव, मुकलावा उत्सव और गजरा उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया। भक्ति और संगीत के इस अनूठे संगम ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिरस में डुबो दिया।
पंकज जोशी की भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
मंगल पाठ के पश्चात शाम 5 बजे कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक पंकज जोशी की भजन संध्या शुरू हुई। उन्होंने एक के बाद एक मनमोहक भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

“गजानंद महाराज पधारो कीर्तन में आओ”, “आई झुंझुनू वाली तुम गाओ मंगल गीत”, “लाया थारी चुनरी, करियो मां स्वीकार”, “रानी सती माई आज मेरे घर आई है” और “कैसे करूं मैं दादी का सत्कार, बेटी तो बस दे सकती है प्यार” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबे नजर आए। वहीं “मेरा भोला है भंडारी” सहित अन्य भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। पूरा वातावरण जयकारों और भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा।
राज्यपाल रमेन डेका ने सपरिवार किए दादी जी के दर्शन
इसी भक्तिमय वातावरण के बीच छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका सपरिवार श्री रानी सती मंदिर पहुंचे। उन्होंने दादी जी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति की ओर से राज्यपाल का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
राज्यपाल का सपरिवार मंदिर पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आनंद और गौरव का क्षण रहा। उन्होंने श्रद्धापूर्वक दादी जी के दर्शन कर प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उनके साथ ओएसडी श्री अशोक झुंझुनवाला भी उपस्थित रहे।

छप्पन भोग और महाआरती में उमड़ा जनसैलाब
रात्रि 9:30 बजे मुख्य यजमान द्वारा दादी जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके पश्चात विधि-विधान से महाआरती संपन्न हुई। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ हिस्सा लिया और दादी जी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
पूरे दो दिवसीय महोत्सव के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। दादी जी के प्रति भक्तों में विशेष श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला।
50वां महोत्सव रहा विशेष
मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री किशोर डोलिया ने कहा कि 50वां भादों अमावस्या महोत्सव समिति और श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दादी जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी यजमानों, श्रद्धालुओं, भजन कलाकारों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रचार-प्रसार प्रभारी कैलाश अग्रवाल ने कहा कि दो दिवसीय भादों अमावस्या महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम रहा। रायपुर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दादी जी के दरबार में पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिभाव और उत्साह से सराबोर रहा।
उन्होंने कहा कि दादी जी की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से 50वां भादों अमावस्या महोत्सव सभी के लिए अविस्मरणीय और आध्यात्मिक आनंद से भरपूर रहा।
मंदिर समिति ने महोत्सव में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, यजमानों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया और दादी जी से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।



