शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का सम्मान, साक्षरता रैली से गूंजा ‘जन-जन साक्षर, नव भारत साक्षर’ का संदेश
जिलेभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में उत्साह के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस, साक्षरता पखवाड़ा के तहत निकाली गई जागरूकता रैली
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही(छत्तीसगढ़ उजाला)-जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। वहीं ULLAS – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम एवं साक्षरता पखवाड़ा के तहत विद्यालयों द्वारा साक्षरता रैली का आयोजन कर समाज में शिक्षा और साक्षरता का संदेश भी फैलाया गया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों ने अपने शिक्षकों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका सम्मान किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने गांवों और आसपास के क्षेत्रों में साक्षरता रैली निकालकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।
रैली के दौरान “जन-जन साक्षर, नव भारत साक्षर” जैसे नारों के माध्यम से आमजन को अपने घर एवं आसपास के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों के उत्साह और जागरूकता संदेशों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बताया कि जिले में 1 से 15 सितंबर तक साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रतिदिन विद्यालयों में साक्षरता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के पांचवें दिन शिक्षक दिवस के अवसर पर साक्षरता रैली का आयोजन कर एक साथ दो महत्वपूर्ण संदेश दिए गए—गुरुजनों का सम्मान और शिक्षा का व्यापक प्रसार।
वहीं ULLAS नोडल मुकेश कोरी एवं आलोक शुक्ला ने बताया कि साक्षरता पखवाड़ा के दौरान VTS एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शासन एवं विभाग द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार विद्यालयों में निरंतर साक्षरता संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
शिक्षक दिवस और साक्षरता अभियान के इस अनूठे संगम ने जिले में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश दिया। बच्चों ने जहां अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, वहीं समाज को यह संदेश भी दिया कि एक साक्षर व्यक्ति न केवल स्वयं का, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य बदल सकता है।



