छत्तीसगढ़ उजाला
प्रदेश की राजनीति में फिर एक बार घमासान होना तय है।रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने पूर्व मेयर व पूर्व सांसद सुनील सोनी को अपना उम्मीदवार बनाया है.पिछली लोकसभा में सांसद रहते हुए कोई विशेष कार्य तो इनके द्वारा नही किया गया पर पार्टी ने उनकी टिकट विधानसभा उपचुनाव में तय की है।इस विधानसभा में छत्तीसगढ़ के बड़े कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल का ही कब्जा रहा है।बृजमोहन अग्रवाल को पार्टी ने रायपुर लोकसभा का चुनाव लड़ाया था.
रायपुर दक्षिण सीट से भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल विधायक थे. दक्षिण विधानसभा सीट से आठ बार लगातार चुनाव जीतने का रिकार्ड बृजमोहन अग्रवाल के नाम पर है.कांग्रेस में अब तक उठापटक जारी ही है।कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए जीजान से लगेगी।सूत्रों के अनुसार सुनील सोनी को पार्टी के अंदर का विरोध भी झेलना पड़ेगा। सुनील सोनी को टिकट मिलने से कई नेताओं में नाराजगी भी दिख रही है।पार्टी के कई कार्यकर्ता भी टिकट की रेस में थे।वैसे सुनील सोनी नगर निगम के महापौर भी रह चुके है।जननेता भी नही बन सके।अब विधायक बनने का सपना इनका पूरा होगा कि नही यह तो चुनाव के परिणाम के बाद ही पता चलेगा।
सुनील सोनी की वैसे कोई उपलब्धि तो कभी भी नही रही.छत्तीसगढ़ भाजपा के बड़े कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल के खासमखास होने का फायदा उनको एक बार और मिल गया है।वैसे इस विधानसभा सीट से काफी दावेदार अपनी जुगत में लगे थे पर सभी के सपने सुनील सोनी के आने से चकनाचूर हो गए है।इस सीट पर भाजपा का ही कब्जा रहा है।पर इस चुनाव में क्या सुनील सोनी इस जीत को बरकरार रख पाएंगे यह कह पाना कठिन है।वर्तमान परिदृश्य में शहर की जनता भाजपा की सत्ता से खुश नजर नही आती है।आज बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी है।नए लोगो को आगे लाने का कॉन्सपेट यहाँ पार्टी हाईकमान ने शायद बदल दिया।सुनील सोनी को अपने पार्टी के अंदर चल रहे विरोध को खत्म करना और उनसे अपने लिए काम करवाना इतना आसान नही है।साय सरकार के लिए यह उपचुनाव जीतना बहुत आसान भी नही है।इस सीट से अगर भाजपा की हार होती है तो इसका ठीकरा मुख्यमंत्री के ऊपर ही फूटेगा।