03 Dec 2019

हैदराबाद गैंगरेप के खुलासे परत दर परत खुल रहे है

By EditorTaaza Khabar

हैदराबाद |
हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी में धीरे धीरे खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद अली उर्फ आरिफ को लेकर खुलासा हुआ है कि वह पिछले दो साल से बिना लाइसेंस के ट्रक चला रहा था और कभी पकड़ा भी नहीं गया।

25 नवंबर को विजिलेंस और परिवहन अधिकारियों ने महबूबनगर में उसकी पहचान कर ली थी, बावजूद इसके वह पकड़ में नहीं आया। पुलिस के मुताबिक उसने अपने ट्रक को कहीं खड़ा कर दिया था और जैसे ही पुलिस का पहरा कम हुआ ट्रक लेकर भाग गया।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, जांच में पता चला है कि किस तरह बिना लाइसेंस के ट्रक चलाने के बावजूद अली दो साल तक बचा रहा और किस तरह उसने अपने तीन साथियों के साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

मुताबिक, 24 नवंबर को अली और ट्रक क्लीनर जोलू शिवा कर्नाटक से ईंटें भरकर हैदराबाद के लिए रवाना हुए। रिमांड रिपोर्ट के मुताबिक अली ने जोलू नवीन और चिंताकुंता से कहा कि वे उसे तेलंगाना के गुडीगांडला गांव में मिलें। उनकी योजना यहां से अवैध स्टील की सरिया हैदराबाद ले जाने का था। ट्रक में स्टील भरने के बाद चिताकुंता अपने गांव चला गया। बाकी तीनों हैदराबाद के लिए रवाना हो गए।

महबूबनगर में संयुक्त चेंकिंग टीम ने आई टाउन पुलिस थाने के पास अली के ट्रक को पकड़ा। ये करीब सुबह चार बजे का वक्त था। उसके पास लाइसेंस ही नहीं था। अधिकारियों ने ट्रक को जब्त करने की सोची, लेकिन अली ने चालाकी दिखाते हुए सेल्फस्टार्ट केबल को निकाल दिया जिससे ट्रक हिल ही नहीं सका। इसके बाद पुलिस दूसरी जगह चेकिंग में जुट गई। इसी बीच तीनों आरोपी फरार हो
गए।

इन लोगों ने ट्रक को पेट्रोल पंप के पास खड़ा कर दिया। रायकल टोल प्लाजा के पास इन्होंने स्टील चार हजार रुपये में बेच दिया। 26 नवंबर रात नौ बजे चारों शमशाबाद पहुंचे, वहां ट्रक को खड़ा किया और इसके अंदर ही सो गए। अगली सुबह पुलिस ने इन्हें ट्रक हटाने को कहा।

शमशाबाद छोड़ने की बजाए ये चारों थोंडुपली ओआरआर टोल प्लाजा पहुंचे और ट्रक को वहां खड़ा कर दिया। जब ये शराब पी रहे थे, उन्होंने महिला डॉक्टर को वहां अपना स्कूटर खड़ा करते देखा। तभी इन्होंने खौफनाक साजिश रच डाली।

जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि इन्होंने महिला डॉक्टर के मुंह में जबरन शराब डाली। यौन हमले के बाद पीड़िता होश खो बैठी। जब होश में आई तो अली ने उसे मार डाला। हत्या करने के बाद डॉक्टर की लाश को एक कपड़े में लपेटा और ट्रक में रख लिया। दो लोग पीड़िता के स्कूटर पर आगे चल रहे थे और ट्रक पीछे। चट्टनपल्ली में आशियाना होटल के पास फेंक दिया। यहां इन्होंने शव पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी। बाद में दोबारा जला हुआ शव देखने यहां लौटे। इस दौरान इन्होंने पीड़िता के दो सिम कार्ड भी नष्ट कर दिए।

28 नवंबर को इन्होंने पीड़िता का स्कूटर कोथुर में खड़ा किया और सुबह पांच बजे ट्रक को आरामगढ़ ले गए। जब बाकी आरोपी चले गए तो अली ने शमशाबाद के ऑटोनगर में ट्रक को खड़ा किया और अपने घर चला गया।

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