02 Dec 2019

सबरीमाला मंदिर में महिला के सुरक्षित प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक महिला ने याचिका दायर की

By EditorTaaza Khabar

दिल्ली |
सबरीमाला मंदिर में जनवरी में प्रवेश करने वाली दो महिलाओं में से एक बिंदु अम्मिनी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में बिंदु ने कहा है कि कोर्ट केरल सरकार को निर्देश दे कि वह सबरीमाला मंदिर में किसी भी महिला के प्रवेश को सुरक्षा बध सुनिश्चित करे।

बता दें कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर केरल में काफी हंगामा हुआ। मंदिर के ट्रस्ट त्रावणकोर देवासम ने बोर्ड की ओर से मामले में बताया गया कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे और इस वजह से मंदिर में बच्चियों और महिलाओं के प्रवेश पर रोक है।

मंदिर के बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि ये रोक केवल मासिक धर्म वाली महिलाओं पर ही लागू है। यानी कि जिन बच्चियों का मासिक धर्म शुरू नहीं हुआ है या वह महिलाएं जिनका मासिक धर्म खत्म हो चुका है उन पर यह नियम लागू नहीं होता है।

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक के खिलाफ दायर याचिका पर कहा कि रीति-रिवाज या धार्मिक परंपराएं संविधान के अनुसार होनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अनुच्छेद-25 और 26 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को सिर्फ ‘जन स्वास्थ्य, जन व्यवस्था और नैतिकता’ के आधार पर ही मंदिर में घुसने से रोका जा सकता है।

कोर्ट ने बताया था मौलिक अधिकारों का हनन

13 अक्तूबर, 2017 को शीर्ष अदालत ने कहा था कि महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इसके बाद कोर्ट ने मामला पांच सदस्यीय संविधान पीठ को भेज दिया था। सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को ‘इंडियन यंग लायर्स एसोसिएशन’ और अन्य ने चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहां महिलाएं अब मंदिर में प्रवेश कर सकेंगी। हमारी संस्कृति में महिलाओं को देवी की तरह पूजा जाता है और मंदिर में उनके प्रवेश से रोक लगाई जा रही है। यह स्वीकार्य नहीं है।

Tag : ।।

Search News

Subscribe our News

Total Visits

2,102,737